Tuesday, May 16, 2017

रैनसमवेयर के बारे मेें जानिए सबकुछ...

रैनसम वायरस ने दुनिया के कई देशों पर अटैक कर दिया है और यह साइबर अटैक भारत पर भी भारी पड़ता दिख रहा है। ऐसे में लोगों के मन में सवाल उठ रहे हैं कि यह वायरस क्‍या है और इससे आम लोग अपने कम्‍प्‍यूटर का बचाव कैसे करें।

आज हम बताते हैं रैनसमवेयर के बारे में

यह एक किस्‍म का प्रोग्राम है जो कम्प्यूटर की किसी फाइल को लॉक कर देता है और बाद में उसे छुड़ाने के लिए फिरौती देनी होती है। यूरोपियन यूनियन की पुलिस यूरोपोल के मुताबिक रैनसमवेयर नई चीज़ नहीं हैलेकिन वानाक्राइ” वायरस का ये हमला अभूतपूर्व”  है।

रविवार को ये कहा गया कि 150 देशों में इस वायरस ने दो लाख से ज्यादा शिकार किए हैं। माना जा रहा है कि ये आंकड़े बढ़ भी सकते हैं।

पैदा हो सकते हैं कई अन्‍य वायरस

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि चूंकि रैनसमवेयर वायरस के कई प्रकार हैं इसलिए इन सब के बीच वह सब भी विकराल रूप ले सकते हैं। हालांकि एनएचएस ने अभी तक ये जानकारी नहीं दी है कि इसे वापस पटरी पर कैसे लाया गया। इस वायरस को बनाने वाले लोग अभी तक ज्यादा मुनाफा नहीं कमा सके हैं।

एक मीडिया हाउस की पड़ताल में पाया गया कि फ़िरौती की रकम वसूलने के लिए जो ई-वॉलेट बनाया गया हैउसमें वर्चुअल करेंसी में 30,000 डॉलर की रकम अभी तक जमा हो पाई है। हर शिकार कम्प्यूटर के लिए वायरस के ज़रिए लोगों से वर्चुअल करेंसी बिटक्वॉयन में 300 डॉलर की रकम मांगी जा रही है।

इससे पता चलता है कि रैनसमवेयर के शिकार हुए ज़्यादातर लोगों ने फ़िरौती की रकम नहीं चुकाई है।
वानाक्राइ” वायरस केवल उन्हीं कम्प्यूटरों को अपना शिकार बनाता है जो विंडोज़ ऑपरेटिंग सिस्टम पर चलते हैं। अगर आप अपना विंडोज़ अपडेट नहीं करतेई-मेल खोलते या पढ़ते वक्त एहतियात नहीं बरतते तो आप को ख़तरा हो सकता है। हालांकि घरेलू कामों में यूज़ किए जाने वाले कम्प्यूटरों पर अपेक्षाकृत कम खतरे की बात कही जा रही है।


ऐसे बचाएं अपना सिस्‍टम

आप अपना सिस्टम अपडेट करकेफारवॉल और एंटीवायरस का इस्तेमाल करके खुद को सुरक्षित रख सकते हैं। ईमेल पढ़ते वक्त अलर्ट रहें। डेटा का बैकअप नियमित रूप से मेनटेन रखें।


फिरौती चुका भी देंगे तो भी कोई गारंटी नहीं

रैनसमवेयर के शिकार हुए लोगों को ये समझना चाहिए कि फिरौती की रकम चुका देने पर भी इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि आपकी फाइल अनलॉक हो जाएगी।
साइबर चोरों के लिए रैनसमवेयर एक पसंदीदा हथियार है। इसके जरिए वे अपने मुनाफ़े को तेजी से ठिकाने लगा सकते हैं। वर्चुअल करेंसी बिटक्वॉयन के जरिए सुरक्षा एजेंसियों का उनतक पहुंचना मुश्किल होता है।
हालांकि ये बात थोड़ी असामान्य जरूर लगती है कि जानकार अपराधियों का एक गिरोह फिरौती उगाहने के लिए बिटक्वॉयन का इस्तेमाल कर रहा है।

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